शारदा की उफनती धार में NDRF की नाव बिगड़ी, सवार थे SDM! कुछ देर थम गईं सांसें, दूसरी नाव से पहुंचे बाढ़ प्रभावित गांव
लखीमपुर खीरी में बाढ़ का कहर: पलिया से निघासन तक दर्जनों गांव जलमग्न, हजारों एकड़ फसल बर्बादी की कगार पर


नदी की धार तेज थी… नाव राहत सामग्री लेकर आगे बढ़ रही थी… तभी अचानक नाव ने जवाब दे दिया। नाव पर पलिया के SDM पुष्पक कुमार समेत NDRF और प्रशासन की टीम मौजूद थी। उफनती शारदा के बीच नाव खराब होते ही कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। आखिरकार दूसरी नाव का सहारा लिया गया और टीम बाढ़ प्रभावित गांव तक पहुंची।
उफनती शारदा के बीच बिगड़ी NDRF की नाव
लखीमपुर खीरी में पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में दिखाई दे रहा है। शारदा नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ने से पलिया तहसील के कई गांव बाढ़ और जलभराव की चपेट में हैं। इसी बीच बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने निकली NDRF और प्रशासन की टीम उस वक्त मुश्किल में फंस गई, जब शारदा नदी की तेज धाराओं के बीच उनकी नाव खराब हो गई।
नाव पर पलिया एसडीएम पुष्पक कुमार भी मौजूद थे। राहत सामग्री लेकर टीम आजाद नगर गांव की ओर जा रही थी। नदी की तेज धाराओं के बीच अचानक नाव के खराब होने से मौके पर कुछ समय के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई।
दूसरी नाव का लिया सहारा, फिर आगे बढ़ी टीम
उफनती नदी के बीच स्थिति को संभालते हुए टीम ने दूसरी नाव का सहारा लिया। इसके बाद एसडीएम, NDRF और प्रशासन की टीम दूसरी नाव पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना हुई और राहत सामग्री गांव तक पहुंचाने का अभियान जारी रखा।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखा दिया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाना प्रशासन और बचाव दलों के लिए कितना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
पलिया में आजाद नगर से बर्बाद नगर तक पानी
पलिया तहसील में आजाद नगर और बर्बाद नगर समेत कई गांवों में शारदा नदी का पानी पहुंच चुका है। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने घर और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की है।
कई परिवार निचले इलाकों से अपना सामान समेटकर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता भी लगातार बढ़ रही है।
निघासन में भी हालात चिंताजनक
बाढ़ का असर सिर्फ पलिया तक सीमित नहीं है। निघासन तहसील में घाघरा और मोहाना नदियों के बढ़े जलस्तर ने कई गांवों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जसनगर, नया पिंड समेत दर्जनों गांव बाढ़ और जलभराव से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क करते हुए सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए NDRF की टीमें भी तैनात हैं।
हजारों एकड़ फसल पर मंडरा रहा बर्बादी का खतरा
बाढ़ का सबसे बड़ा असर अब किसानों पर दिखाई दे रहा है। लखीमपुर खीरी में हजारों एकड़ कृषि भूमि बाढ़ के पानी से प्रभावित हुई है। खेतों में पानी भरने से फसलों को भारी नुकसान की आशंका है और किसानों के सामने मेहनत से तैयार की गई फसल के बर्बाद होने का खतरा खड़ा हो गया है।
एक तरफ गांवों में पानी बढ़ रहा है, दूसरी तरफ नदी की तेज धाराएं राहत और बचाव अभियान के सामने चुनौती बनी हुई हैं।
शारदा की उफनती धाराओं में NDRF की नाव खराब होने की यह घटना सिर्फ एक नाव के रुकने की कहानी नहीं है, बल्कि उस बड़े संकट की तस्वीर है, जिससे इस वक्त लखीमपुर खीरी के बाढ़ प्रभावित गांव और किसान जूझ रहे हैं।



